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टाइगर श्रॉफ फायरिंग: एक साल पहले ही लॉरेंस गैंग में शामिल हुआ था ऋतिक, पुलिस ने ऐसे दबोचा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में ऋतिक महतो को लेकर कई खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, वह रैपिडो चलाता था और कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा था। हमले में इस्तेमाल बाइक 24,500 रुपये में खरीदी गई थी।

मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस की शुरुआती जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल 22 वर्षीय ऋतिक महतो उर्फ रोशन कथित तौर पर करीब एक साल पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा था। वह रैपिडो के लिए बाइक चलाता था और हमले में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी उसी के पास थी।

मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर की शाम अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर पांच राउंड फायरिंग की गई थी। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें ऋतिक महतो के अलावा 18 वर्षीय फूल सिंह और 18 वर्षीय रेहान रहीसुद्दीन शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, महतो कथित तौर पर उन दो शूटरों की मदद कर रहा था, जिन्होंने अभिनेता पर गोलियां चलाई थीं।

हमले से पहले मुंबई पहुंचे थे दोनों शूटर

इंडियन एक्सप्रेस ने पुलिस सूत्रों के हवाले से लिखा है कि दोनों शूटर फायरिंग से कुछ दिन पहले मुंबई पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि गैंग के एक अन्य सदस्य ने उन्हें संभाला था और निशाना तय होने के बाद उनकी मुलाकात ऋतिक महतो से कराई गई थी। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दोनों पिछले कुछ दिनों से महतो के साथ रह रहे थे।

महतो अंधेरी में किराये के कमरे में अकेला रहता था। वह रैपिडो के लिए बाइक चलाता था, लेकिन उसके पास कोई नियमित नौकरी नहीं थी। फायरिंग के कुछ घंटे बाद अमेरिका में रह रहे गैंगस्टर अनिल पंडित ने कथित तौर पर एक ऑडियो क्लिप के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली थी। उस ऑडियो में उसने इस घटना को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी जोड़ा था।

24,500 रुपये में खरीदी थी हमले में इस्तेमाल बाइक

पुलिस के मुताबिक, हमले में इस्तेमाल बजाज पल्सर 220 सीसी मोटरसाइकिल ऋतिक महतो ने 12 सितंबर को 24,500 रुपये में खरीदी थी। बाइक का पिछला मालिक जुहू गली में रहता था और उसने यह मोटरसाइकिल अपने एक परिचित के जरिए महतो को बेची थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि महतो ने बाइक अपने नाम कराने का वादा किया था, लेकिन इसके लिए जरूरी दस्तावेज और अपनी तस्वीर उपलब्ध नहीं कराई थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि मोटरसाइकिल पहले तीन लोगों के पास रह चुकी थी। पुलिस के अनुसार, बाइक को सबसे पहले 2014 में जोगेश्वरी के मेघवाड़ी निवासी एक व्यक्ति ने खरीदा था। उसने 2022 में इसे मलाड के डिंडोशी निवासी एक व्यक्ति को बेच दिया। इसके बाद बाइक इस्माइल नाम के व्यक्ति के पास पहुंची, जो अंधेरी पश्चिम के गिल्बर्ट हिल के पास जुहू गली में रहता है।

पुलिस ने अंधेरी रेलवे स्टेशन के बाहर मोटरसाइकिल देखी थी। इसके रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर जांचकर्ताओं ने पहले मालिक का पता लगाया। इसके बाद दूसरे मालिक और फिर इस्माइल तक पहुंचे। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बाइक का संबंध महतो से जोड़ा गया।

क्या पहचान छिपाने के लिए बदला था हुलिया?

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या ऋतिक महतो ने पहचान छिपाने के लिए अपना हुलिया बदला था। सूत्रों के मुताबिक, जब वह मुंबई आया था, तब उसके बाल लंबे थे। फायरिंग से करीब 10 दिन पहले उसने बाल कटवा लिए थे।

जांचकर्ताओं के अनुसार, महतो पहले अंधेरी पश्चिम में गिल्बर्ट हिल के पास जुहू गली में किराये के कमरे में रहता था। कथित तौर पर उसने इसी इलाके के नूरानी चॉल के पते पर आधार कार्ड भी बनवाया था। करीब चार महीने पहले वह मुंबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास सहार इलाके में किराये के कमरे में रहने लगा था।

दिल्ली में किसी व्यक्ति से लंबे समय से संपर्क की जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महतो कितने समय से बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा था और क्या वह पहले भी किसी वारदात में शामिल रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, महतो के कॉल रिकॉर्ड से पता चला है कि वह कथित तौर पर लंबे समय से दिल्ली में किसी व्यक्ति के संपर्क में था। पुलिस यह पता लगाने के लिए कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है कि उस व्यक्ति का बिश्नोई गैंग से कोई संबंध है या नहीं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN