Source :- LIVE HINDUSTAN
कतर दुनिया के कुल एलएनजी व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है। होर्मुज के बंद होने और रास लाफान ऊर्जा केंद्र को नुकसान पहुंचने के कारण कतर को ऊर्जा निर्यात में बड़ी रुकावटों का सामना करना पड़ा है।
अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से जारी युद्ध के कारण पूरे पश्चिम एशिया में हाहाकार मचा हुआ है। इस बीच दुनिया भीषण संकट के मुहाने पर खड़ी है। हाल ही में कतर ने इसे लेकर बड़ी चेतावनी दी है। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि आने वाले दिनों में लोगों को बदतर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा और अपनी-अपनी जिम्मेदारियां संभालनी होंगी।
अमीर अल थानी ने यह बातें कतर की शूरा काउंसिल के वार्षिक सत्र के दौरान दिया। अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से शूरा काउंसिल का यह पहला वार्षिक सत्र था। यहां उन्होंने कतर पर ईरान के लगातार हमलों की निंदा भी की। वहीं थानी ने कहा कि खाड़ी और होर्मुज में परिवहन को सुरक्षित करने और ऊर्जा सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए प्रयासों को दोगुना किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि कतर दुनिया के कुल प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने और रास लाफान ऊर्जा केंद्र को नुकसान पहुंचने के कारण कतर को ऊर्जा निर्यात में बड़ी रुकावटों का सामना करना पड़ा है। वहीं आयात के लिए कतर पर निर्भर देशों में सप्लाई को लेकर काफी परेशानियां हुईं।
‘खाड़ी की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं’
अपने संबोधन में अमीर अल थानी ने फारस की खाड़ी और जलमार्गों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कतर पर ईरान के लगातार हो रहे हमलों को देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन करार दिया और कहा कि गल्फ की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने खाड़ी देशों और उनके अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के बीच सहयोग की अपील भी की।
बदतर स्थितियों के लिए तैयार रहना होगा
शेख तमीम ने इस दौरान कहा कि कतर पर असर डालने वाली कोई भी बात जल्द ही हर जगह बाजारों और उपभोक्ताओं पर असर डालती है। उन्होंने देश की ऊर्जा आपूर्ति में रुकावटों का हवाला देते हुए लोगों से आगे की अनिश्चितता के लिए तैयार रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “हमें सबसे खराब स्थितियों के लिए तैयार रहना होगा। लोगों को और संस्थानों को को अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी।”
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




