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थके हुए दिन के बाद दिमाग को करें रीसेट, न्यूरोसर्जन ने बताए 6 तरीके

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Source :- LIVE HINDUSTAN

दिनभर काम से घर लौटने के बाद भी अगर आपका दिमाग टेंशन में रहता है तो आपको न्यूरोसर्जन के बताए तरीकों से इसे रिसेट करने की जरूरत है। यहां देखिए 6 आसान तरीके। 

थके हुए दिन के बाद जब आप घर लौटते हैं और बहुत ज्यादा स्ट्रेस महसूस करते हैं तो एक्सपर्ट के बताए 6 तरीकों से दिमाग को रिसेट करें।

रोजाना काम से घर लौटने के बाद अक्सर शारीरिक थकावट होना आम बात है। लेकिन कुछ लोग दिनभर की भागदौड़ के बाद रात में मानसिक थकावट की शिकायत भी करते हैं। इस मानसिक थकावट को दूर करना जरूरी है। क्योंकि जैसे-जैसे मानसिक थकान बढ़ती है, एकाग्रता कम होती जाती है, गलतियां ज्यादा होने लगती हैं और निर्णय कम प्रभावी हो जाते हैं। इसलिए थके हुए दिमाग को रिसेट करना बहुत जरूरी है। दिमाग रिसेट करने के लिए न्यूरोसर्जन डॉ. जय जगन्नाथन ने कुछ टिप्स शेयर की हैं। जिन्हें आपको फॉलो करना चाहिए।

1) दिमाग को एक्सट्रा इनपुट देना बंद करें

दिनभर काम करने के बाद दिमाग पूरी तरह से थका हुआ महसूस करने लगता है। ऐसे में घर वापिस पहुंचने के बाद मोबाइल चलाना, रील्स स्क्रॉल करना और नोटिफिकेशन पर ध्यान देने से दिमाग और भी ज्यादा थक सकता है। दिमाग को रिसेट करने के लिए उसे आराम दें। जब आप फोन देखते हैं तो ये आपके ध्यान को व्यस्त रखते हैं, जबकि आपका दिमाग पहले से ओवरलोड होता है।

2) शांत वॉक करें

थके हुए दिमाग को रिसेट करने के लिए एक शांत वॉक बेहतरीन तरीका है। वॉक आपकी संज्ञानात्मक मांग को कम करने में मदद करती है। जब आप 10 से 20 मिनट के लिए बिना कॉल पर बात किए या बिना किसी पोडकास्ट को देखे वॉक करते हैं तो इससे अटेंशन रिकवर करने में मदद मिलती है।

3) वातावरण बदलें

दिमाग को रिसेट करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने वातावरण को बदलें। एक ही जगह पर बने रहने से आपका दिमाग अधूरे काम से जुड़ा रह सकता है। किसी शांत कमरे में जाने या बाहर निकलने से दिमाग को थोड़ा ब्रेक मिलता है।

4) सिंपल फिजिकल टास्क करें

खाना बनाना, नहाना, कपड़े फोल्ड करने जैसे फिजिकल एक्शन बिना किसी मुश्किल फ़ैसले के आपके दिमाग को एक ढांचा देते हैं।

5) जो काम हो अधूरा है उसे लिखें

न्यूरोसर्जन कहते हैं कि जब भी कोई काम अधूरा रह जाता है, तो वह हमारे दिमाग में बना रहता है। और दिमाग बार-बार उन कामों पर लौटता रहता है। ऐसे में जरूरी है कि आप अधूरे कामों को एक तरफ लिख लें। ऐसा करने से मानसिक तौर पर अधूरे कामों को दोहराना कम किया जा सकता है।

6) पूरी तरह थका महसूस होने से पहले सोएं

एक्सपर्ट कहते हैं कि मानसिक थकावट अक्सर देर तक जागने और अपना समय वापस पाने की इच्छा पैदा करती है। देर से सोने पर आमतौर अगले दिन फोकस, मूड और निर्णय लेने की क्षमता खराब हो जाती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN