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न्यूक्लियर इनरिचमेंट पर नहीं मानेगा ईरान, अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस को दिखाया ठेंगा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की न्यूक्लियर इनरिचमेंट में कमी करने वाली बात से ईरान ने इनकार कर दिया है। तेहरान की तरफ से साफ किया गया है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी तरह की न्यूक्लियर बातचीत में नहीं है।

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान की जंग लगातार लंबी खिंचती जा रही है। दोनों देशों के बीच में कई मुद्दों पर मतभेद बना हुआ है। इनमें सबसे बड़ा मुद्दा न्यूक्लियर प्रोग्राम का है। ईरान अपने सबसे बड़ डर (अमेरिकी हमले) का सामना कर चुका है। ऐसे में वह किसी भी हालत में झुकने के लिए तैयार नहीं है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस द्वारा युद्ध समाप्ति के लिए ईरान के सामने न्यूक्लियर इनरिचमेंट प्रोग्राम को बंद करने की मांग रखी गई थी। इसे तेहरान ने ठुकरा दिया है। ईरान की तरफ से कहा गया है कि एनरिचमेंट के अधिकार को मान्यता देना किसी भी समझौते के लिए एक ऐसी शर्त है जिस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को जेडी वेंस की तरफ से आए बयान के बाद ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जेडी वेंस जो कुछ भी कह रहे हैं, वह उनके विचार और अनुरोधों को दर्शाती हैं। न कि बातचीत के नतीजों को। ईरानी अधिकारी ने साफ किया कि फिलहाल दोनों देशों के बीच में किसी भी स्तर पर न्यूक्लियर बातचीत नहीं हो रही है।

बता दें, ईरान की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब जेडी वेंस ने युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के सामने न्यूक्लियर प्रोग्राम में कटौती करने की बात कही थी। रॉयटर्स से बात करते हुए वेंस ने कहा था कि अगर तेहरान का परमाणु हथियार विकसित करने का कोई इरादा नहीं है तो उसे 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम की आवश्यकता क्यों होगी। वेंस ने कहा, “अगर आप परमाणु हथियार नहीं चाहते हैं, तो आपको 60% संवर्धित ईंधन की आवश्यकता क्यों है?” “और अगर आप परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता दिखाना चाहते हैं, तो अत्यधिक संवर्धित ईंधन न बनाएं। अमेरिका इस मामले में आश्वासन के बजाय ठोस कार्रवाई चाहता है।”

गौरतलब है कि ईरान शुरुआत से ही इस बात को नकारता आ रहा है कि वह परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। दूसरी तरफ अमेरिका है, जो लगातार इस बात का दावा करता है कि ईरान न्यूक्लियर बम बनाने के करीब है। इन सब बातों के बीच पश्चिम एशिया की जंग लगातार जारी है। अब जबकि अमेरिका ईरान पर हमला कर चुका है। ऐसे में तेहरान इस मौके का फायदा उठाने की तरफ देख रहा है। वह न्यूक्लियर इनरिचमेंट के अपने अधिकार को किसी भी शर्त पर छोड़ना नहीं चाहता। ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि ईरान के एनरिचमेंट के अधिकार को अमेरिका की मंज़ूरी मिलना तेहरान की “रेड लाइन” बनी हुई है।अधिकारी ने कहा कि ईरान यह अधिकार कभी नहीं छोड़ेगा, हालांकि एनरिचमेंट से जुड़ी खास बातों पर बाद में चर्चा की जा सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN