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पाकिस्तान में स्कूल की छत गिरी, 20 बच्चे दबकर मरे

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पाकिस्तान के पेशावर में एक स्कूल की छत गिरने से एक दर्जन से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है। मारे जाने वाले सभी की उम्र 13 साल से कम बताई जा रही है। फिलहाल, घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है। आशंका जताई जा रही है कि मलबे में कई दबे हो सकते हैं।

पाकिस्तान में बड़ा हादसा हो गया है। मुल्क के पेशावर में एक स्कूल की छत गिरने से एक कम से कम 21 बच्चों की मौत हो गई है। इस दौरान कई लोगों को बचाया गया और बड़ी संख्या में घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। हादसे में घायलों की संख्या अब तक साफ नहीं हो सकी है। फिलहाल, बचाव कार्य जारी है। हालांकि, पाकिस्तान में छतों और इमारतों का गिरना आम बात है। जुलाई में ही एक स्कूल की दीवार गिरने से तीन लड़कियों की मौत हो गई थी।

पाकिस्तान के पेशावर में दीर कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल में यह दर्दनाक हादसा हुआ है। डॉन से बातचीत में लेडी रीडिंग हॉस्पिटल के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम के हवाले से बताया गया है कि हादसे में 21 बच्चों की मौत हो गई है। उन्होंने यह भी बताया है कि अस्पताल में भी आपातकाल घोषित कर दिया गया है। जान गंवाने वालों में 20 छात्र और एक शिक्षिका शामिल हैं।

सभी 13 साल से कम उम्र के

आसिम ने यह भी बताया है कि हादसे में जान गंवाने वालों की उम्र 13 साल से कम है। इससे पहले रेस्क्यू 1122 प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने बताया था कि छात्रों और शिक्षकों समेत करीब 20 लोगों को बचाया गया है। उन्होंने पहले आशंका जताई थी कि मलबे में कई बच्चे दबे हो सकते हैं।

कब हुआ हादसा

रिपोर्ट के अनुसार, पेशावर उपायुक्त के कार्यालय की तरफ से बताया गया है कि घटना के समय छात्र क्लास में मौजूद थे। खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैजल करीम कुंडी ने घटना पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही अधिकारियों को घटना की वजह का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने घायल बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है और अधिकारियों को बेहतरीन इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

क्या बोले चश्मदीद

वेबसाइट से बातचीत में समीउल्लाह नाम के शख्स ने बताया कि वह जानकारी लगते ही मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने कहा, ‘मैंने 8 साल से कम उम्र की तीन बच्चियों को बचाया है। समय सुबह करीब 8 बजकर 50 मिनट हो रहा था। मुझे फोन आया और मुझे पहुंचने में 10 मिनट लगे। मैं वहां सुबह 9 बजे करीब पहुंच गया था। हमारे 6 बच्चे इस स्कूल में पढ़ते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘जब मैंने बिल्डिंग देखी, तो मुझे लगा कि ग्राउंड फ्लोर पर पढ़ने वाले बेटे की मौत हो गई है। लेकिन वह पानी पीने क्लास से निकल गया था।’

SOURCE : LIVE HINDUSTAN