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पेट्रोल में एथनॉल मिलाने पर फिर उठे सवाल, गडकरी बोले- इस सेक्टर को मिलेगा फायदा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा है कि इससे वाहनों को नुकसान होने के दावे सही नहीं हैं

पेट्रोल में एथनॉल मिलाने को लेकर उठ रहे सवालों पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इससे वाहनों को नुकसान होने के दावे सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एथनॉल ब्लेंडिंग सिर्फ पेट्रोल की जरूरत पूरी करने का माध्यम नहीं है बल्कि इससे कृषि क्षेत्र में विविधता आएगी और किसानों के लिए कमाई के नए रास्ते खुलेंगे।

क्या कहा केंद्रीय मंत्री ने?

गडकरी ने कहा कि इस पॉलिसी का मकसद न सिर्फ पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करना है, बल्कि कृषि उत्पादों के लिए एक नया बाजार बनाना भी है। गडकरी ने कहा, “मैं किसी को भी चुनौती देता हूं कि वे आकर शिकायत करें कि उनकी गाड़ी को इस वजह से नुकसान पहुंचा है। बेशक, जिनके अपने स्वार्थ हैं, उनकी कहानी कुछ और हो सकती है।” उन्होंने कहा, ”संबंधित विभाग का मंत्री होने के नाते मैं जानता हूं कि सभी प्रमुख वाहन कंपनियों ने अपने वाहनों को 100 प्रतिशत एथनॉल के जरिये चलाकर भी देखा है और कोई शिकायत सामने नहीं आई है।”

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे गडकरी ने कहा, ”वर्ष 2022 से चार करोड़ चार-पहिया और 20 करोड़ दोपहिया वाहन एथनॉल मिश्रित पेट्रोल के माध्यम से चल रहे हैं। मैं किसी को भी चुनौती देता हूं कि वह शिकायत करके दिखाए कि इसके कारण उसके वाहन को नुकसान हुआ है। बेशक, निहित स्वार्थ वाले लोग कोई और कहानी बता सकते हैं।” उन्होंने कहा, ”हमें समझना होगा कि पेट्रोल में एथनॉल मिलाने का फैसला कृषि को ऊर्जा और बिजली क्षेत्र की दिशा में विविधीकृत करने के उद्देश्य से लिया गया था। हमारे किसान अब केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ऊर्जादाता भी बनेंगे।”

पारंपरिक ईंधन का आयात

गडकरी ने कहा कि भारत 22 लाख करोड़ रुपये मूल्य के पारंपरिक ईंधन का आयात कर रहा है और जिन लोगों को लगता है कि उनके कारोबार पर इसका असर पड़ेगा, वे निश्चित तौर पर इससे चिंतित होंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मक्के से एथनॉल बनाने और उसके इस्तेमाल का फैसला किए जाने के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश के किसानों की अतिरिक्त आय में 45,000 करोड़ रुपये तक की वृद्धि हुई।

उन्होंने सवाल किया, ”क्या यह उन लोगों के हितों को पूरा करने से बेहतर नहीं है, जिनसे हम ईंधन आयात करते हैं?” गडकरी ने कहा कि सरकार भविष्य को ध्यान में रखकर काम कर रही है और उसने धान की भूसी से विमान ईंधन भी तैयार किया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN