Source :- LIVE HINDUSTAN
कैंसर की बीमारी फैलती जा रही है और अगर इसका शुरुआत में पता न चले, तो ये जानलेवा हो जाती है। इस बीमारी को कंट्रोल करने और मरीजों का जल्दी इलाज करने के लिए कई रिसर्च किए जा रहे हैं, जिसमें पाया गया है कि कुछ दवाइयों से भी कैंसर सेल्स को कंट्रोल किया जा सकता है।
दुनिया की सबसे बड़ी कैंसर कॉन्फ्रेंस, अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी (ASCO) 2026 में पेश किए गए नए रिसर्च के मुताबिक अब कैंसर के इलाज में कई आसान चीजें आ रही है। इस मीटिंग में वैज्ञानियों और ऑन्कोलॉजिस्ट ने ऐसी दवाओं और इलाज के तरीकों को शेयर किया, जिससे कैंसर के कुछ मरीजों का इलाज बिना कीमोथेरेपी और सर्जरी के भी किया जा सकेगा। इस मीटिंग में सबसे ज्यादा चर्चा जीआरडब्ल्यूडी-5769 (GRWD5769) नाम की दवाई की रही, जो कैंसर सेल्स को फैलने से रोकनेमे मदद करती है। इसी सेल की वजह से शरीर में ट्यूमर या कैंसर फैलता है और हमारे इम्यून सिस्टम पर असर डालता है।
रिसर्च में क्या मिला
अभी तक की गई रिसर्च के अनुसार, क्लिनिकल ट्रायल में जब ये दवाई दी गई तो गर्भाशय, मूत्राशय, फेफड़े, लीवर, आंत और सिर-गर्दन समेत करीब 6 तरह के कैंसर के मरीजों से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है। इन मरीजों पर पहले से मौजूदा इलाज प्रभावी नहीं हो रहे थे। दवा के बाद 30% तक कैंसर ट्यूमर सिकुड़ गए।
लंग कैंसर पर असरदार
फेफड़े के कैंसर से जूझ रहे मरीजों को आइवोनेसिमैब (Ivonescimab) नाम की दवा कीमोथेरेपी के साथ देने पर औसतन जिंदगी में करीब 15 परसेंट तक वृद्धि देखी गई है। रिसर्च के मुताबिक, ये दवा ट्यूमर की उन सेल्स को कंट्रोल में करती है, जिनके जरिए कैंसर प्रतिरक्षा तंत्र से बचकर फैल जाता है।
आंत के कैंसर की भी बन रही दवा
आंत के कैंसर के मामले भी अब तेजी से बढ़ चुके हैं और इन केसेस में ज्यादातर मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसके लिए ओजेकिबार्ट (Ozekibart) नामक नई दवा पर रिसर्च की गई है। इसमें पाया गया है कि कुछ मरीजों के ट्यूमर को छोटा करने और कई केसेस में उन्हें बढ़ने से रोका गया है। ये दवाई कैंसर सेल्स को खत्म करने की ताकत रखती है।
स्तन कैंसर पर भी हुई चर्चा
स्तन कैंसर को लेकर भी सम्मेलन में एक बड़ी जानकारी सामने आई। शोधकर्ताओं ने बताया कि जिन महिलाओं में कैंसर का खतरा कम पाया गया और जिनका जीनोमिक स्कोर कम था, उनका इलाज बिना कीमोथेरेपी के भी किया जा सकता है। ऐसे मरीजों के लिए सिर्फ हार्मोन थेरेपी ही काफी प्रभावी साबित हो सकती है। इससे महिलाओं को कीमोथेरेपी के दौरान होने वाले बाल झड़ने, कमजोरी, उल्टी और अन्य दुष्प्रभावों से राहत मिल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे इलाज आसान होने के साथ-साथ मरीजों को लंबा जीवन भी मिल सकता है।
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