Source :- LIVE HINDUSTAN
https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/06/19/1200x900/shekhar_suman_1781846477867_1781846478006_57588dc1-54aa-41d9-81f6-dec183b08768.jpgशेखर सुमन अपने 11 साल के बेटे आयुष के जाने का दर्द हर दिन झेलते हैं। उन्होंने एक रीसेंट इंटरव्यू में कहा कि कई लोग बता चुके हैं कि वह वापस आएगा। शेखर को उम्मीद है कि बेटा पोते के रूप में जन्म लेगा।
शेखर सुमन अपने पहले बेटे आयुष को खोने का दर्द कई बार साझा कर चुके हैं। वह और उनकी पत्नी अब तक उस दुख से उबर नहीं पाए। शेखर सुमन को उम्मीद है कि आयुष उनके बेटे अध्ययन का बेटा बनकर वापस आएगा। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने उसे याद किया। कहा कि वह अपने दिवंगत बेटे से बात करते हैं। साथ ही यह भी बताया कि कई ज्योतिषी यह बात बोल चुके हैं कि वह वापस आएगा।
जब पिता को हुआ बीमारी का शक
शेखर सुमन लहरें रेट्रो में बात कर रहे थे। उन्होंने याद किया कि कैसे उन्हें आयुष की बीमारी के बारे में पता चला। शेखर सुमन के पिता डॉक्टर थे। तब उनके पिता को लगा कि उसे कुछ दिक्कत है। शेखर सुमन बताते हैं, ‘वह खेल रहा था। उनकी गोद में आकर बैठा। उनकी आदत थी हमेशा पेट छूने की। डॉक्टर्स की आदत होती है शायद। उन्होंने कहा कि शेखर इधर आओ। इसका लिवर थोड़ा बढ़ा लग रहा है तो जब मुंबई जाओगे तो चेक करा लेना। ऐसा होना तो नहीं चाहिए कुछ भी पर फिर भी इसको नेगेलेक्ट मत करो।’
जब पता चला हार्ट की बीमारी है
शेखर आगे बोलते हैं, ‘तो फिर आकर हमने वो तहकीकात करना शुरू कर दिया। जो भी टेस्ट थे करने शुरू किए। करते-करते पता चला कि हार्ट से जुड़ी दिक्कत है और हम एकदम टूट गए। पता चला कि उसे फाइब्रोसिस ऑफ द हार्ट था जो कि अरबों में एक केस था। ये एंडोमायोकारार्डियो फाइब्रोलिस्टोसिस था जिसका नाम सुनकर भी मैं डर गया। जब मैंने बाबूजी को पहली बार फोन पर बताया तो एकदम सन्नाटा छा गया। मैंने पूछा, क्या हुआ? बोल क्यों नहीं रहे, बताइए क्या हुआ? वह चुप रहे और बोले, हे भगवान। जैसे ही उन्होंने कहा, हे भगवान, मुझे लगा कि कुछ बहुत सीरियस बीमारी है। फिर मैंने कहा, आप बताएंगे क्या है? बोले, बेटा अच्छी बीमारी नहीं है। मैं समझ गया। मैं अपने पिता को अच्छी तरह जानता हूं जब उन्होंने कहा, अच्छी बीमारी नहीं है। मैं समझ गया कि क्या होने वाला है। हम शायद इसके लिए तैयार नहीं थे।’
अध्ययन का बेटा बनकर लौटेगा
शेखर आगे बोलते हैं, ‘हमें पता चला कि वह बहुत बीमार था। उस वक्त के बारे में बात नहीं करना चाहता। मैं कई बार उस दर्द से गुजर चुका हूं। मैं और अलका इससे उबर नहीं पाए हैं। आप कभी नहीं उबर पाते। मतलब हम रोज उसके बारे में बात करते हैं। उससे बात करते हैं। उसकी तस्वीर से बात करते हैं। उसको याद करते हैं लेकिन बहुत दुखदाई है। मुझे तो लग रहा है कि वह अध्यन का बेबी बनके आएगा वापस आएगा। किसी ने यह भविष्यवाणी की थी। कई लोगों ने ऐसा कहा कि वह अध्ययन सुमन का बेटा बनकर आएगा। शेखर बोले, ‘मैं उसे देख सकता हूं, उससे बात कर सकता हूं, मैं देखता हूं, वह फिजिकल फॉर्म में नहीं है लेकिन मैं उसकी आवाज सुन सकता हूं।’
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



