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स्टॉक मार्केट में भी MDR चार्ज होगा लागू, सरकार ने क्यों लिया फैसला?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

स्टॉक मार्केट में 0.02% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज लागू करने के फैसले पर सरकार ने सफाई दी है। केंद्र सरकार ने कहा है कि यह फैसला SEBI, स्टॉक एक्सचेंजों और दूसरे स्टेकहोल्डर्स से बातचीत के बाद लिया गया। सरकार की ये सफाई ऐसे समय आई जब सेबी के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने MDR को लेकर स्टॉकब्रोकरों की चिंताओं पर विचार करने के संकेत दिए हैं।

क्या कहा सेबी चेयरमैन ने?

गुरुवार को नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (NaBFID) – इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव 2026 के दौरान तुहिन कांत पांडे ने कहा, “मुझे लगता है कि कुछ अहम मुद्दे हैं। हम निश्चित रूप से इस पर गौर करेंगे और देखेंगे कि हम उन्हें कैसे आसान बना सकते हैं।”

बता दें कि MDR एक शुल्क है जो कुछ डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट से लिया जाता है। 15 अक्टूबर से लागू होने वाले इस फ्रेमवर्क के तहत ₹2000 से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% शुल्क अनिवार्य है। वहीं, ₹75,000 और उससे अधिक के ट्रांजैक्शन के लिए MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन होगी। इसमें म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज और ब्रोकरों से जुड़े कैपिटल-मार्केट ट्रांजैक्शन भी शामिल हैं, जिन पर 0.02% MDR लगेगा। इन पर भी अधिकतम सीमा ₹300 तय की गई है।

वित्त मंत्रालय ने अमेरिकी दबाव वाले एंगल को किया खारिज

इस बीच, MDR लगाने का फैसला अमेरिकी दबाव में किए जाने के आरोपों को वित्त मंत्रालय ने खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के हाल में जारी दिशानिर्देशों में यूपीआई पर क्रेडिट कार्ड के जरिये लेनदेन के लिए केवल रुपे क्रेडिट कार्ड की अनुमति है और इससे विदेशी क्रेडिट कार्ड को कोई लाभ नहीं मिलने वाला है।

वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) की 2026 की रिपोर्ट में भारत की यूपीआई भुगतान प्रणाली में अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक भुगतान सेवा प्रदाताओं को रुपे कार्ड के समान अवसर नहीं मिलने संबंधी टिप्पणियों के जवाब में यह स्पष्टीकरण दिया। डीएफएस ने कहा, “एनपीसीआई के 15 सितंबर के परिपत्र में रुपे के अलावा किसी अन्य क्रेडिट कार्ड से यूपीआई पर क्रेडिट लेनदेन की अनुमति नहीं दी गई है। एमडीआर को किसी बाहरी प्रभाव के कारण लागू किए जाने का आरोप गलत और भ्रामक है।”

सरकार का यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सरकार ने 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारी यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाने का फैसला अमेरिकी दबाव में किया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN