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Paytm शेयर में 480% की रिकवरी! क्या अब ₹2,150 का IPO प्राइस वापस हासिल करेगा स्टॉक?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Paytm की पैरेंट कंपनी One 97 Communications के शेयरों ने पिछले कुछ समय में जबरदस्त रिकवरी दिखाई है। शेयर अपने लाइफटाइम लो ₹310 से 480% से ज्यादा ऊपर आ चुका है, लेकिन इसके बावजूद यह 2021 के IPO प्राइस ₹2,150 से अभी भी नीचे है। Paytm के शेयरों में आई इस वापसी के पीछे कंपनी के कारोबार में सुधार, मुनाफे में वापसी और डिजिटल पेमेंट बिजनेस में नए अवसरों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। अब UPI के बड़े ट्रांजैक्शन पर लागू होने वाले नए MDR (Merchant Discount Rate) ने कंपनी के लिए कमाई का एक नया रास्ता खोल दिया है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

Paytm के लिए यह सफर आसान नहीं रहा है। फरवरी 2024 में RBI ने Paytm पेमेंट्स बैंक को जमा और क्रेडिट ट्रांजैक्शन से जुड़े काम बंद करने का निर्देश दिया था। इसके बाद कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट आई और स्टॉक ₹310 के लाइफटाइम लो तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद कंपनी ने अपने पेमेंट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार को दोबारा मजबूत करने पर फोकस किया। FY26 में Paytm ने ₹552 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि FY25 में कंपनी को ₹663 करोड़ का घाटा हुआ था। कंपनी का FY26 ऑपरेटिंग रेवेन्यू भी बढ़कर ₹8,437 करोड़ हो गया।

अब पेटीएम (Paytm) के लिए सबसे बड़ा नया अवसर UPI MDR से जुड़ा है। NPCI के नए नियमों के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा। हालांकि, ग्राहकों से UPI भुगतान के लिए सीधे यह शुल्क नहीं लिया जाएगा। ₹2,000 तक के ट्रांजैक्शन और पर्सन-टू-पर्सन भुगतान मुफ्त रहेंगे। ₹75,000 या उससे ज्यादा के पात्र ट्रांजैक्शन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 होगी। छोटे व्यापारियों, जिनकी UPI QR के जरिए मंथली रिसीविंग ₹1 लाख तक है, को भी MDR से छूट दी गई है।

इस बदलाव का Paytm पर संभावित असर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कंपनी का बड़ा कारोबार मर्चेंट पेमेंट्स से जुड़ा है। JM फाइनेंशियल के अनुमान के मुताबिक नए MDR सिस्टम से Paytm को FY27 में करीब ₹214 करोड़ और FY28 में करीब ₹473 करोड़ की अतिरिक्त आय हो सकती है। इसके साथ एडजेस्टेड EBITDA में भी क्रमशः करीब ₹140 करोड़ और ₹443 करोड़ की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, UPI MDR से मिलने वाली कुल रकम किस अनुपात में पेमेंट ऐप, बैंक और दूसरे भागीदारों के बीच बांटी जाएगी, यह अंतिम रूप से महत्वपूर्ण रहेगा।

Paytm के ग्रोथ की कहानी सिर्फ UPI MDR तक सीमित नहीं है। कंपनी का मर्चेंट लेंडिंग कारोबार भी फाइनेंशियल सर्विसेज सेगमेंट में अहम भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा कंपनी अपने टेक्नोलॉजी और AI कारोबार को भी आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। Paytm ने अपनी AI क्षमताओं को पेटीएम इंटेलीजेंस (Paytm Intelligence) Pi नाम दिया है और इसे एंटरप्राइज वर्कफ्लो तथा बिजनेस प्रोसेस में इस्तेमाल करने की योजना बताई है। कंपनी के लिए आने वाले सालों में मर्चेंट नेटवर्क, लोन डिस्ट्रीब्यूशन, पेमेंट प्रोसेसिंग और AI जैसे क्षेत्रों का प्रदर्शन ग्रोथ की दिशा तय कर सकता है।

हालांकि, Paytm शेयर के लिए कुछ जोखिम भी बने हुए हैं। UPI MDR से वास्तविक कमाई इस बात पर निर्भर करेगी कि MDR का हिस्सा अलग-अलग इकोसिस्टम पार्टनर्स में कैसे बांटा जाता है और कितने ट्रांजैक्शन इसके दायरे में आते हैं। इसके अलावा बड़े व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत का असर UPI इस्तेमाल या मर्चेंट व्यवहार पर पड़ सकता है। ऐसे में ₹2,150 के IPO भाव तक वापसी को लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। निवेशकों के लिए कंपनी की कमाई, UPI मार्केट शेयर, मर्चेंट लोन ग्रोथ, कॉस्ट कंट्रोल और नए MDR मॉडल से रियल रेवेन्यू पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

नोट:- ₹2,150 के IPO भाव को दोबारा हासिल करना कोई सुनिश्चित परिणाम नहीं है। यह बाजार की स्थितियों और कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN