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हाथों पर रची गहरी काली मेहंदी देख ना इतराएं ? स्किन डॉक्टर ने बताया दे सकता है जीवनभर की एलर्जी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

त्योहारों का सीजन है तो हाथों पर मेहंदी भर-भरकर लगा रही होंगी। लेकिन गहरी-काली रच रही मेहंदी को बाजार में खरीदने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी जुटा लें। नहीं तो खतरनाक केमिकल पूरे लाइफ टाइम आपको एलर्जिक रिएक्शन देंगे।

हाथों-पैरों पर रची मेंहदी सबसे सुंदर दिखती हैं। त्योहार का दिन हो या फिर शादी-विवाह, महिलाओं का शृंगार तो इसके बिना अधूरा ही रह जाता है। मेहंदी का गहरा रंग जब हाथों पर चढ़ता है तो खूबसूरती को बढ़ा देता है। यहीं नहीं मेहंदी के गहरे रंग में चढ़ने से जुड़ी कई सारी मान्यताएं भी प्रचलित है। वैसे देखा जाए तो जो नेचुरल हिना होती है उसका रंग हल्का होने पर नारंगी सा दिखता है वहीं गाढ़ा चढ़ने पर ये डार्क ब्राउन सा हो जाता है।

लेकिन बाजार में मिलने वाली मेहंदी की कोन को जब स्किन पर लगाया जाता है तो ये कुछ ही देर में बिल्कुल गाढ़ा गहरा भूरा रंग देता है। तो लगभग काला जैसा ही दिखने लगता है। सबसे खास बात कि बाजार वाली मेहंदी को बहुत कम देर रखने पर ही वो स्किन पर गहरा रंग छोड़ता है, जो बताता कि इन मेहंदी में अलग से केमिकल और कलर मिलाए गए हैं। जिससे मेहंदी थोड़ी देर लगाने पर ही गहरा रंग छोड़े।

खतरनाक केमिकल से भरी होती है बाजार वाली मेहंदी

डर्मेटोलॉजिस्ट के मुताबिक कुछ काली मेहंदी में पैरा फेनिलडायमाइन जिसे लोग पीपीडी (PPD) के नाम से जानते हैं होता है,वहीं साथ में दूसरे केमिकल भी होते हैं। जिनकी वजह से स्किन पर एलर्जी, रिएक्शन और स्किन इंफ्लेमेशन की शिकायत भी हो सकती है।

नेचुरल हिना का रंग कैसा होता है?

जब आप नेचुरल हिना की पत्तियों को सुखाकर पीसकर पाउडर बनाते हैं और उस घोल को लगाते हैं तो हाथों पर थोड़ी ही देर रचने पर ऑरेंज कलर छोड़ती है। वहीं जब इसे दो घंटे से ज्यादा रखा जाए तो इसका कलर ऑरेंज से बदलकर भूरा सा हो जाता है। जो धीरे-धीरे कुछ ही घंटों में और ज्यादा गहरा हो जाता है। लेकिन कभी भी नेचुरल हिना इंस्टेंट गहरा भूरा और गाढ़ा भूरा,काले जैसा रंग नहीं छोड़ती। इसलिए जब आप मार्केट से मेहंदी खरीदकर लगा रही हों तो प्रोडक्ट के बारे में पूरी जानकारी जरूर इकट्ठा कर लें।

ब्लैक मेहंदी में पीपीडी होता है जो हेयर डाई के लिए जाना जाता है। पीपीडी जल्दी से कलर को डार्क कर देता है। यहीं नहीं पीपीडी को स्किन सेसेंडाइजर के तौर पर भी जाना जाता है क्योंकि ज्यादातर लोगों को ये स्किन पर इश्यू देता है

पैरा फेनिलडायमाइन यानि पीपीडी से क्या है समस्या

पीपीडी केमिकल की सबसे बड़ी समस्या इसकी वजह से होने वाली एलर्जी है, कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस। अगर किसी इंसान को पीपीडी से एलर्जी होगी और मेंहदी में इसकी मात्रा होती है फौरन इसके संपंर्क में आते ही स्किन पर जलन, सूजन, खुजली, रेडनेस और चकत्ते या फफोले से उभर आएंगे। यही नहीं कई बार रिएक्शन अगर तेज हुआ तो स्किन पर जलन और सूजन के साथ दर्द भी बढ़ जाता है।

इंडिया टुडे को डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर विदुषी जैन ने बताया कि कई बार पीपीडी से रिएक्शन केवल मेहंदी वाली जगह तक ही नहीं होता बल्कि ये शरीर के दूसरे हिस्सों में एक्जिमा के भी लक्षण देने लगता है। काफी कम केस में ये स्किन के अंदर भी सूजन और जलन का कारण बन जाता है।

स्किन पर हमेशा के लिए बन जाती है एलर्जी

पीपीडी केमिकल की खासियत है कि अगर एक बार इससे स्किन पर एलर्जी हो गई तो बॉडी का इम्यून सिस्टम इसे हमेशा याद रखता है और जब-जब आप पीपीडी केमिकल के संपंर्क में आएंगी तो एलर्जी रिएक्शन हो जाएगा। और ये बात ध्यान रखने वाली है कि काफी सारी हेयर डाई या दूसरे प्रोडक्ट में थोड़ी मात्रा में भी ये केमिकल मिला होता है और जब आप ऐसी डार्क स्टेन वाली पीपीडी केमिकल से भरी मेहंदी लगा लेती हैं तो फ्यूचर में आपको हेयर डाई या दूसरे प्रोडक्ट जिनमे पीपीडी की थोड़ी भी मात्रा होगी यूज करने में दिक्कत होगी।

इसलिए डार्क स्टेन वाली मेहंदी से हुए रिएक्शन को हल्की एलर्जी मानकर इग्नोर नहीं किया जा सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN