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हिंदू समूह की वजह से महिला कर्मचारियों को ड्यूटी से हटाया, अब एफिल टावर चीफ देंगे इस्तीफा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

एफिल टावर की कर्मचारी यूनियन की प्रतिनिधि ने कहा था कि प्रतिनिधिमंडल के दौरे के समय महिला कर्मचारियों से उनके कार्यस्थल छोड़ने को कहा गया था। इससे महिला कर्मचारियों को बेहद अपमानित महसूस हुआ। विवाद क्यों हुआ?

पेरिस के ऐतिहासिक एफिल टावर में बीते दिनों जमकर बवाल हुआ था। यहां एक हिंदू ग्रुप के टावर भ्रमण के दौरान कथित तौर पर महिला कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा दिया गया था। इसके बाद एफिल टावर के कर्मचारियों ने जमकर विरोध किया। इस मशहूर टूरिस्ट प्लेस को एक दिन के लिए बंद भी करना पड़ा। अब इस मामले में खबर सामने आई है कि टावर का संचालन करने वाली कंपनी के प्रमुख इस साल के अंत तक अपने पद से इस्तीफा देंगे।

मामला हिंदू धार्मिक संगठन ‘बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था’ (BAPS) के प्रतिनिधिमंडल के दौरे से जुड़ा है। ऑपरेटिंग कंपनी ‘सोसाइट डी’एक्सप्लॉयटेशन डी ला टूर एफिल’ (SETE) ने पुष्टि की है कि आंतरिक जांच में परिचालन में खामियों की पुष्टि होने के बाद उनके डायरेक्टर जनरल पैट्रिक ब्रैंको रुइवो अपना पद छोड़ देंगे।

7 सितंबर को क्या हुआ था?

विवाद बीते 7 सितंबर को शुरू हुआ था। यहां महिला कर्मचारियों के साथ हुए व्यवहार के विरोध में एफिल टावर के कर्मचारियों ने वाकआउट कर दिया और काम ठप कर दिया। इसके चलते दुनिया के सबसे मशहूर पर्यटन स्थलों में से एक एफिल टावर को एक दिन के लिए बंद करना पड़ा था। स्टाफ यूनियन की प्रतिनिधि डायने डैवॉइन ने बताया कि BAPS सदस्यों के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल छोड़कर हटने और उनकी जगह पुरुषों को तैनात करने के निर्देश दिए गए।

वहीं महिला कर्मचारियों को हिदायत दी गई थी कि जब तक प्रतिनिधिमंडल वहां मौजूद है, वे कुछ क्षेत्रों में आवाजाही नहीं करें। डैवॉइन के अनुसार, इससे महिला कर्मचारियों ने बेहद अपमानित महसूस किया।

BAPS संस्था ने क्या कहा?

जानकारी के मुताबिक BAPS स्वामीनारायण संस्था पेरिस क्षेत्र में अपने एक मंदिर के उद्घाटन का जश्न मना रही थी। इस सिलसिले में करीब 100 लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने एफिल टावर का दौरा किया था। विवाद के बाद BAPS ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने प्रबंधन के साथ सिर्फ कॉर्डिनेट किया था ताकि आम लोगों और कर्मचारियों को असुविधा ना हो। संस्था ने स्पष्ट कहा कि उनकी ओर से लिंग के आधार पर ऐसी कोई मांग नहीं की गई थी और BAPS सभी के प्रति समानता के सिद्धांतों का पालन करता है।

जांच में क्या आया सामने?

SETE ने जारी बयान में स्वीकार किया कि आयोजन के प्रबंधन में हुई नाकामियों के कारण महिला कर्मचारियों को उस दिन दौरे से अलग कर दिया गया। कंपनी ने इसे एक अस्वीकार्य स्थिति बताया है। पेरिस की मेयर ऐनी हिडाल्गो ने भी महिला कर्मचारियों को हटाए जाने की परिस्थितियों की अलग से जांच के आदेश दिए हैं। SETE के अध्यक्ष एरियल वेइल ने कहा कि यह मांग स्वीकार ही नहीं की जानी चाहिए थी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN