Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिका की अंतरिक्ष और तकनीकी दुनिया से एक बड़ी खबर सामने आई है। AI (Artificial Intelligence) आधारित कोडिंग स्टार्टअप Cursor को दुनिया की सबसे चर्चित कंपनियों में से एक SpaceX ने लगभग 60 अरब डॉलर (करीब 5 लाख करोड़ रुपये) के मूल्यांकन पर खरीदने का फैसला किया है। इस डील के बाद कर्सर (Cursor) के संस्थापक रातों-रात अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। इन संस्थापकों में एक नाम ऐसा भी है, जिसका भारतीय मूल से गहरा संबंध है। हम अमन सांगर की बात कर रहे हैं, जिन्होंने सिर्फ 25 साल की उम्र में वह मुकाम हासिल कर लिया है, जिसका सपना दुनिया भर के लाखों युवा देखते हैं।

अमन सांगर Cursor के सह-संस्थापक हैं, जो एआई की मदद से सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को कोड लिखने और प्रोग्रामिंग को आसान बनाने का काम करता है। यह स्टार्टअप 2022 में शुरू हुआ था और बेहद कम समय में तकनीकी दुनिया का बड़ा नाम बन गया।

अमन सांगर का परिवार भारतीय मूल का है। उनके पिता अरविंद सांगर भारत के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने आईआईटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका जाकर उच्च शिक्षा हासिल की और बाद में निवेश क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने एक वैश्विक निवेश कंपनी की स्थापना की, जो प्राकृतिक संसाधनों और विभिन्न उद्योगों में निवेश करती है।

वहीं, अमन की मां शिल्पा सांगर एक ऑर्थोडॉन्टिस्ट, उद्यमी और एंजेल निवेशक हैं। उनका बचपन मुंबई में बीता था। इसके बाद में वे अमेरिका चली गईं, जहां उनकी मुलाकात अरविंद सांगर से हुई और दोनों ने विवाह कर लिया। परिवार में अमन के अलावा उनकी एक बहन भी हैं।

अमन का बचपन अमेरिका में बीता, लेकिन उन्होंने शुरू से ही पढ़ाई और तकनीक के क्षेत्र में असाधारण प्रतिभा दिखाई। स्कूल के दिनों से ही उन्हें कंप्यूटर और कोडिंग में गहरी रुचि थी। गणित में उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि उन्होंने SAT मैथमैटिक्स लेवल-2 परीक्षा में 800 में से 800 अंक हासिल किए।

इसके बाद उन्होंने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में से एक MIT (Massachusetts Institute of Technology) में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की। MIT में पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात उन साथियों से हुई, जिनके साथ मिलकर उन्होंने Cursor की शुरुआत की। पढ़ाई के साथ-साथ अमन खेलों में भी सक्रिय रहे और स्क्वैश खेलना पसंद करते थे।

Cursor का उद्देश्य डेवलपर्स की उत्पादकता बढ़ाना था। कंपनी ने ऐसा एआई टूल तैयार किया, जो प्रोग्रामिंग के दौरान सुझाव देता है, गलतियों को पहचानता है और कोडिंग को पहले से कहीं ज्यादा आसान बनाता है। यही वजह रही कि यह स्टार्टअप तेजी से लोकप्रिय हुआ और निवेशकों का भरोसा जीतता चला गया।

अब SpaceX द्वारा किए जा रहे इस बड़े अधिग्रहण के बाद अमन सांगर की संपत्ति अरबों डॉलर में पहुंचने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Cursor में उनकी हिस्सेदारी लगभग 4.5% है और इस डील के बाद उनकी कुल संपत्ति कई अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।

अमन सांगर की कहानी यह दिखाती है कि सही शिक्षा, तकनीकी कौशल और बड़ा सोचने का साहस किसी भी युवा को वैश्विक सफलता दिला सकता है। भारतीय मूल के इस युवा उद्यमी ने साबित कर दिया है कि उम्र नहीं, बल्कि आइडिया और मेहनत सफलता की असली पहचान होते हैं।

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