Source :- LIVE HINDUSTAN
BSE share price: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आईपीओ की आहट भर से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के शेयर में भूचाल आ गया है। सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को BSE के शेयर करीब 5 पर्सेंट तक गिर गए और भाव 3,961 रुपये तक आ गया। शेयर की पिछली क्लोजिंग 4,162.40 रुपये की थी। यह बुधवार के इंट्रा-डे में 4,219.90 रुपये से 3,961 रुपये के बीच रहा। शेयर के 52 हफ्ते का हाई और लो क्रमश: 4,446.80 रुपये और 2,021.50 रुपये है।
बीएसई के शेयर में गिरावट की वजह
BSE की बड़ी प्रतिद्वंद्वी NSE के बुधवार यानी आज ही 30,000 करोड़ रुपये के IPO के लिए DRHP फाइल करने की संभावना है। मनीकंट्रोल की एक खबर के मुताबिक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शाम तक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करने की उम्मीद है।
प्रस्तावित पब्लिक इश्यू के पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होने की उम्मीद है, जिसमें मौजूदा शेयरधारक मिलकर एक्सचेंज की लगभग 6% इक्विटी बेचेंगे। बाजार जानकारों का अनुमान है कि लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के अनलिस्टेड मार्केट वैल्यूएशन के आधार पर इश्यू का आकार लगभग 30,000 करोड़ रुपये हो सकता है, जो इसे भारत के कैपिटल मार्केट के सबसे बड़े IPO में से एक बना देगा।
कौन-कौन बेच रहा हिस्सेदारी?
मनीकंट्रोल को मर्चेंट बैंकिंग सूत्रों से विशेष रूप से पता चला है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के सबसे बड़े सेलिंग शेयरधारक के रूप में उभरने की संभावना है। एसबीआई 24.75 मिलियन तक शेयर पेश करेगा। वहीं, एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरिशस) लिमिटेड 16 मिलियन तक शेयर बेच सकती है जबकि कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड के 11.87 मिलियन तक शेयर पेश करने की उम्मीद है।
बेचने वालों में अरंडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरिशस) प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है, जो 11.24 मिलियन तक शेयर बेच सकती है। वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा औरस्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के लगभग 11-11 मिलियन शेयर पेश करने की उम्मीद है। जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (GIC Re) 10.65 मिलियन तक शेयर और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड 10.5 मिलियन तक शेयर बेच सकती है। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के लगभग 6-6 मिलियन शेयर बेचने की संभावना है।
2016 में किया था पहला प्रयास
बता दें कि एनएसई ने पहली बार 2016 में लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए थे लेकिन सेबी ने कामकाज के संचालन और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के कारण मंजूरी रोक दी थी। आईपीओ की तैयारी के तहत एनएसई ने 20 मर्चेंट बैंकर के अलावा कानूनी सलाहकारों और अन्य मध्यस्थों की नियुक्ति की है।
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