Source :- LIVE HINDUSTAN
भारत के शेयर बाजार में पिछले कुछ महीनों में जिन कंपनियों ने निवेशकों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है, उनमें इंडियाबुल्स लिमिटेड (Indiabulls Limited) का नाम तेजी से उभरा है। कभी मुश्किल दौर से गुजर रही यह कंपनी अब जोरदार वापसी करती दिख रही है। पिछले तीन महीनों में कंपनी के शेयरों में करीब 145% की तेजी देखने को मिली, जबकि फरवरी 2026 के निचले स्तर से लेकर जून 2026 के हाई लेवल तक शेयर में लगभग 185% का उछाल दर्ज किया गया। इस शानदार रैली के पीछे कई बड़े कारण हैं, जिनमें कंपनी का पुनर्गठन, वित्तीय प्रदर्शन में सुधार, नई पूंजी का निवेश और रियल एस्टेट कारोबार पर बढ़ता फोकस शामिल है।
इंडियाबुल्स के लिए सबसे बड़ा बदलाव तब आया, जब समूह की कई कंपनियों को मिलाकर एक नई संरचना तैयार की गई। इस प्रक्रिया के बाद कंपनी का ढांचा पहले की तुलना में काफी सरल हो गया और कारोबार को नई दिशा मिली। इसी दौरान कंपनी के संस्थापक समीर गहलौत की भूमिका भी फिर से मजबूत हुई। बाजार में आमतौर पर तब सकारात्मक संकेत माना जाता है जब प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते हैं। यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा कंपनी पर दोबारा बढ़ने लगा।
कंपनी के वित्तीय नतीजों ने भी इस विश्वास को मजबूत किया। हाल के वित्तीय वर्ष में इंडियाबुल्स ने अपनी आय में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की और सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि कंपनी घाटे से निकलकर मुनाफे में पहुंच गई। पिछले साल जहां कंपनी को नुकसान हुआ था, वहीं इस बार उसने सैकड़ों करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। मार्च तिमाही के नतीजे भी काफी मजबूत रहे, जिससे निवेशकों को यह संकेत मिला कि कंपनी का सुधार केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक कारोबार में भी दिखाई दे रहा है।
रियल एस्टेट कारोबार इस पूरी कहानी का सबसे अहम हिस्सा बनकर सामने आया है। कंपनी के पास गुरुग्राम, मुंबई और लुधियाना जैसे प्रमुख शहरों में बड़े प्रोजेक्ट्स मौजूद हैं। इन प्रोजेक्ट का कुल संभावित मूल्य हजारों करोड़ रुपये बताया जा रहा है। कंपनी का मानना है कि आने वाले सालों में उसके मुनाफे का बड़ा हिस्सा इसी रियल एस्टेट बिजनेस से आएगा। यही कारण है कि बाजार इस क्षेत्र में कंपनी की संभावनाओं को लेकर उत्साहित है।
इसके अलावा कंपनी ने लगभग 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना भी बनाई है। इस फंड का बड़ा हिस्सा प्रमोटर समूह द्वारा लगाया जा रहा है। जब किसी कंपनी में प्रमोटर खुद अधिक पैसा निवेश करते हैं, तो इसे बाजार आमतौर पर सकारात्मक संकेत के रूप में देखता है। इससे यह संदेश जाता है कि कंपनी के नेतृत्व को अपने भविष्य पर भरोसा है।
हालांकि, शेयर बाजार में किसी भी तेजी के साथ जोखिम भी जुड़े रहते हैं। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इतनी तेज बढ़त के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव भी आ सकता है। फिर भी फिलहाल बाजार की नजर इंडियाबुल्स के रियल एस्टेट विस्तार, बढ़ते मुनाफे और प्रमोटर की बढ़ती हिस्सेदारी पर बनी हुई है। यही वजह है कि यह शेयर हाल के महीनों में एक चर्चित मल्टीबैगर स्टॉक बनकर उभरा है।
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