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31 गुना सब्सक्रिप्शन, 41% प्रीमियम, लिस्टिंग-डे पर बंपर मुनाफा दे सकता है यह IPO

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Moneyview IPO: फिनटेक कंपनी मनीव्यू के आईपीओ पर दांव लगाने वाले निवेशकों को अब इसके शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। इस आईपीओ को कुल 31 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। निवेशकों के बीच शानदार रेस्पॉन्स के बाद यह आईपीओ ग्रे मार्केट में भी गदर काट रहा है। आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹14 है। यह इश्यू प्राइस के अपर बैंड यानी ₹34 के आधार पर 41% बढ़त को दिखाता है। अगर मौजूदा GMP बना रहता है तो अनुमानित लिस्टिंग प्राइस ₹48 होगी, जिससे लिस्टिंग पर मुनाफे का संकेत मिलता है।

आईपीओ की डिटेल

मनीव्यू लिमिटेड का आईपीओ 1092 करोड़ रुपये का है। आईपीओ में ₹750 करोड़ के 22.06 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू और ₹341.68 करोड़ के 10.05 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 24 सितंबर, 2026 को खुला था और 28 सितंबर को बंद हुआ है। अलॉटमेंट 29 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है जबकि शेयरों की NSE और BSE पर लिस्टिंग 1 अक्टूबर, 2026 को होने की संभावना है।

प्राइस बैंड ₹32–₹34 प्रति शेयर तय किया गया था और लॉट साइज 441 शेयरों का है। आईपीओ के एक्सिस कैपिटल, BofA सिक्योरिटीज इंडिया, IIFL कैपिटल सर्विसेज और कोटक महिंद्रा कैपिटल बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं जबकि MUFG Intime इंडिया प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रार है।

IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल

कंपनी IPO से मिलने वाली नेट रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने लेंडिंग बिजनेस को बढ़ाने के लिए करने की योजना बना रही है। लगभग ₹325 करोड़ का इस्तेमाल डिफॉल्ट लॉस गारंटी (DLG) व्यवस्था के तहत लोन वितरण बढ़ाने में किया जाएगा। इसके अलावा, ₹250 करोड़ का निवेश कंपनी की मुख्य सब्सिडियरी WFPL में करने का प्रस्ताव है, ताकि उसके कैपिटल बेस को मजबूत किया जा सके। बाकी रकम का इस्तेमाल आम कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा, जिससे कुल नियोजित इस्तेमाल 575 करोड़ रुपये हो जाएगा।

कंपनी की स्थिति

साल 2014 में बनी मनीव्यू लिमिटेड भारत की एक फिनटेक कंपनी है जो अपने मोबाइल प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल फाइनेंशियल सर्विस देती है। इसकी सर्विस में पर्सनल लोन, क्रेडिट ट्रैकिंग और फाइनेंशियल मैनेजमेंट सॉल्यूशन शामिल हैं। ये क्रेडिट योग्यता का आकलन करने और तेजी से लोन मंजूरी दिलाने के लिए टेक्नोलॉजी और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल करती है। FY25 में ₹2,379 करोड़ की तुलना में, FY26 में कुल आय 43% बढ़कर ₹3,404 करोड़ हो गई। टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) FY25 के ₹240 करोड़ से 1% बढ़कर FY26 में ₹243 करोड़ हो गया।

30 जून 2026 तक कंपनी के 140.28 मिलियन रजिस्टर्ड यूजर और 48 फाइनेंशियल पार्टनर थे, जिनमें बैंक, NBFC, इंश्योरेंस कंपनियां और दूसरे फाइनेंशियल संस्थान शामिल हैं। कंपनी ने पर्सनल लोन से आगे बढ़कर इंश्योरेंस, क्रेडिट कार्ड, डिजिटल गोल्ड, पेमेंट और ‘अर्न्ड वेज एक्सेस’ जैसे क्षेत्रों में भी अपना विस्तार किया है। 30 जून 2026 तक कंपनी के 50% से अधिक कर्मचारी टेक्नोलॉजी और डेटा से जुड़े कामों में लगे हुए थे। कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या 1,933 थी, जिसमें 798 स्थायी और 1,135 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी शामिल थे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN