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फ्रांस की एक अदालत ने बैंक मैनेजर गुइलौम बुच्ची को अपनी पूर्व प्रेमिका के साथ सात साल तक लगातार बलात्कार, यातना और जबरन वेश्यावृत्ति में धकेलने का दोषी ठहराते हुए 25 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

फ्रांस की एक अदालत ने बैंक मैनेजर गुइलौम बुच्ची को अपनी पूर्व प्रेमिका के साथ सात साल तक लगातार बलात्कार, यातना और जबरन वेश्यावृत्ति में धकेलने का दोषी ठहराते हुए 25 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। चार बच्चों की मां 42 वर्षीय पीड़िता लेटिटिया आर ने अदालत में भावुक होकर बताया कि आरोपी ने उसे पूरी तरह मानसिक और शारीरिक नियंत्रण में रख लिया था। उसने कहा कि 2015 से 2022 तक मैं लगातार डर के साए में जी रही थी। लेटिटिया ने खुलासा किया कि बुच्ची उन्हें ऑनलाइन भर्ती किए गए अजनबियों, दोस्तों और सहकर्मियों के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था। उसने 487 पुरुषों तक गिनती की, उसके बाद गिनना छोड़ दिया।

पीड़िता ने कोर्ट में क्या कहा?

मामले की सुनवाई के दौरान लेटिटिया ने बताया कि क्रिसमस की पूर्व संध्या 2015 में बुच्ची ने उसे राजमार्ग सेवा केंद्र पर भेजा और फोन पर सुनते हुए अजनबियों के सामने खुद को पेश करने का आदेश दिया। इसके बाद उसने उन्हें वेश्यावृत्ति में धकेल दिया और ग्राहकों की सूची बनाए रखने को कहा।

पीड़िता ने अदालत को बताया कि बुच्ची उसके साथ गुलाम जैसा व्यवहार करता था। उसे पेशाब पीने, सार्वजनिक शौचालय चाटने और अन्य अपमानजनक कृत्यों को करने के लिए मजबूर किया जाता था। 2017 में बेटी को जन्म देने के महज एक दिन बाद अस्पताल से छुट्टी मिलते ही उन्हें एक ट्रक ड्राइवर के साथ संबंध बनाने के लिए विवश किया गया।

रोते हुए लेटिटिया ने कहा कि ऐसा लग रहा था जैसे मैं अंदर से मर रही थी। हर थोपी गई हरकत के साथ मेरा एक हिस्सा हमेशा के लिए टूटता जा रहा था। उसने आगे बताया कि इस दुर्व्यवहार के कारण वह विकलांग हो गई है।

गिजेल पेलिकोट मामले से प्रेरणा

लेटिटिया ने कहा कि उन्होंने गिजेल पेलिकोट मामले से प्रेरित होकर बंद कमरे की बजाय खुली अदालत में सुनवाई का विकल्प चुना। गिजेल पेलिकोट फ्रांस की 72 वर्षीय महिला हैं, जिन्होंने अपनी यातना की कहानी सार्वजनिक कर नारीवादी आंदोलन में नया प्रतीक बनाया था।

आरोपी का बचाव और अभियोजन का दावा

बुच्ची ने अदालत में कुछ कृत्यों (गला घोंटना, जलाना आदि) को स्वीकार किया, लेकिन दावा किया कि ये सब ‘सहमति से किए गए यौन खेल’ थे। हालांकि, अभियोजकों ने टेक्स्ट और वॉयस मैसेज पेश किए, जिनमें बुच्ची ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी थी। बुच्ची ने जबरन वेश्यावृत्ति कराने की बात भी स्वीकार की।

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