Source :- LIVE HINDUSTAN

पारले इंडस्ट्रीज के शेयरों में हाल ही में करीब 60% की जबरदस्त तेजी देखने को मिली, लेकिन इसकी वजह कंपनी का कारोबार नहीं, बल्कि ‘Melody’ टॉफी को लेकर निवेशकों में फैली गलतफहमी थी। हालांकि, अब पारले प्रोडक्ट के बड़े बयान के बाद पारले इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई है। 

मुंबई शेयर बाजार में इन दिनों एक दिलचस्प लेकिन चौंकाने वाला मामला देखने को मिला है। रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार से जुड़ी कंपनी पारले इंडस्ट्रीज (Parle Industries) के शेयरों में पिछले कुछ हफ्तों में करीब 60% की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। हैरानी की बात यह है कि इस तेजी का कंपनी के वास्तविक कारोबार से कोई खास संबंध नहीं था, बल्कि इसकी वजह एक वायरल वीडियो और निवेशकों की गलतफहमी बनी। अब पहली बार इस तेज रैली पर ब्रेक लगा है और कंपनी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

दरअसल, हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में पीएम मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को प्रसिद्ध ‘Melody’ टॉफी गिफ्ट करते नजर आए। बाद में मेलोनी ने भी इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद ‘Melody’ कैंडी अचानक चर्चा का विषय बन गई। सोशल मीडिया पर इस ब्रांड को लेकर जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई और कई निवेशकों ने जल्दबाजी में ‘Parle’ नाम देखकर पार्ले इंडस्ट्रीज के शेयर खरीदने शुरू कर दिए।

यहीं से गलतफहमी की शुरुआत हुई। वास्तव में मेलोडी (Melody) कैंडी बनाने वाली कंपनी पार्ले प्रोडक्ट्स (Parle Products) है, जो एक निजी (Unlisted) FMCG कंपनी है। यही कंपनी Parle-G, Monaco, KrackJack, Hide & Seek और Melody जैसे लोकप्रिय ब्रांड बनाती है। दूसरी ओर पार्ले इंडस्ट्रीज का इन उत्पादों से कोई संबंध नहीं है। यह कंपनी मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, रियल एस्टेट और पेपर वेस्ट रीसाइक्लिंग के कारोबार में सक्रिय है।

हालांकि, निवेशकों की भारी खरीदारी के कारण पार्ले इंडस्ट्रीज का शेयर लगातार कई दिनों तक अपर सर्किट पर पहुंचता रहा। मई के मध्य से स्टॉक में लगातार तेजी देखने को मिली और इसका मार्केट कैप लगभग 40 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। लेकिन, अब जब बाजार को वास्तविक स्थिति का एहसास हुआ, तो शेयर में पहली बार गिरावट देखने को मिली। 3 जून को शेयर शुरुआती कारोबार में कमजोर हुआ। हालांकि, बाद में कुछ रिकवरी के साथ करीब 4.9% की बढ़त पर कारोबार करता दिखा।

इस बीच पार्ले प्रोडक्ट्स ने भी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि उनका पार्ले इंडस्ट्रीज से कोई संबंध नहीं है। कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट मयंक शाह ने कहा कि निवेशक केवल नाम की समानता के कारण भ्रमित हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्ले इंडस्ट्रीज एक अलग निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है, जबकि पार्ले प्रोडक्ट्स एक FMCG कंपनी है।

यह घटना निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक भी है। शेयर बाजार में केवल नाम देखकर निवेश करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसके कारोबार, वित्तीय स्थिति, उत्पाद और भविष्य की संभावनाओं को अच्छी तरह समझना जरूरी है। पार्ले इंडस्ट्रीज का मामला दिखाता है कि सोशल मीडिया पर वायरल खबरें कभी-कभी शेयरों में असामान्य तेजी ला सकती हैं, लेकिन लंबे समय में शेयर की दिशा कंपनी के वास्तविक प्रदर्शन से ही तय होती है। इसलिए निवेशकों को भावनाओं या अफवाहों के बजाय तथ्यों और रिसर्च के आधार पर निवेश निर्णय लेना चाहिए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN