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9/11 को वाशिंगटन की तरफ तेजी से जा रहा था चौथा विमान, यात्रियों ने आतंकियों को कैसे रोका?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

9/11 कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक, नेवार्क में भीड़-भाड़ की वजह से फ्लाइट 93 की उड़ान में करीब 25 से 40 मिनट की देरी हुई। इस विमान में चार हाईजैकर सवार थे। उन्होंने करीब 45 मिनट तक विमान पर कब्जा नहीं किया।

अलकायदा ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका को गहरा घाव दिया था। इस दिन आतंकियों ने चार कमर्शियल पैसेंजर विमानों को हाईजैक कर लिया और उन्हें हथियारों की तरह इस्तेमाल किया। हाईजैक किए गए विमानों में से दो न्यूयॉर्क में ट्विन टावर्स से टकराए और तीसरा पेंटागन से टकराया। चौथी यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट 93 सैन फ्रांसिस्को जा रही थी। इसने न्यू जर्सी के नेवार्क से सुबह 8.42 बजे उड़ान भरी। हाईजैक किए गए तीन विमान पहले ही हवा में थे और अपने टारगेट के करीब पहुंच रहे थे।

9/11 कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक, नेवार्क में भीड़-भाड़ की वजह से फ्लाइट 93 की उड़ान में करीब 25 से 40 मिनट की देरी हुई। इस विमान में चार हाईजैकर सवार थे। उन्होंने करीब 45 मिनट तक विमान पर कब्जा नहीं किया। इसी बीच यात्री और क्रू मेंबर अपने परिवार और रिश्तेदारों से वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमलों के बारे में कॉल पर बात कर चुके थे। जब तक उन्होंने विमान पर कब्जा करने की कोशिश की तब तक विमान में सवार सभी लोगों को पता चल चुका था कि विमान को एक सुसाइड हथियार में बदला जा रहा है।

जब यात्रियों को पता चली सच्चाई

यात्रियों को पता चल गया कि यह हाईजैकिंग फिरौती या रास्ता बदलने के लिए नहीं बल्कि अमेरिकी इमारतों को निशाना बनाकर किए जा रहे सुसाइड हमलों की ही हिस्सा थी। हिस्ट्री चैनल के मुताबिक एक यात्री ने अपनी पत्नी से फोन पर कहा, “मुझे पता है कि हम सब मरने वाले हैं। हममें से तीन लोग इसके बारे में कुछ करने जा रहे हैं। हनी, मैं तुमसे प्यार करता हूं।”

फ्लाइट 93 में सवार फ्लाइट अटेंडेंट और पूर्व पुलिस अधिकारी सीसी लाइल्स ने अपने पति लॉर्न के लिए एक वॉइसमेल छोड़ा। चैनल के मुताबिक उन्होंने कहा, “उन्होंने विमान को हाईजैक कर लिया है। मैं शांत रहने की कोशिश कर रही हूं। हमने विमान का रुख मोड़ लिया है और मैंने सुना है कि कुछ विमान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराए हैं। मुझे उम्मीद है कि मैं तुम्हारा चेहरा फिर से देख पाऊंगी। मैं तुमसे प्यार करती हूं। बाय!”

यात्रियों ने कॉकपिट पर बोल दिया धावा

फ्लाइट के टेकऑफ के 46 मिनट बाद आतंकवादियों ने कॉकपिट पर धावा बोल दिया। उन्होंने पायलटों को बाहर निकाला, कंट्रोल अपने हाथ में लिए और प्लेन को पूरब की ओर वॉशिंगटन की तरफ मोड़ दिया। जांचकर्ताओं का मानना ​​था कि उनका टारगेट लगभग पक्का US कैपिटल या व्हाइट हाउस था। हाईजैकर्स US सरकार के मुख्य केंद्र पर हमला करना चाहते थे। विमान में सवार यात्रियों ने डर को छोड़कर कुछ करने का फैसला किया। 9/11 कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने केबिन में वोटिंग की कि क्या हाईजैकर्स पर हमला किया जाए।

खाने की ट्राली से तोड़ा दरवाजा

टॉड बीमर नाम के एक व्यक्ति ने अपने आस-पास के लोगों को चार शब्दों से प्रेरित किया जो बाद में मशहूर हो गए- “लेट्स रोल”, मतलब कि चलो आगे बढ़ें। इसके बाद भीड़ कॉकपिट की ओर बढ़ी। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से पता चला कि भीड़ ने कॉकपिट का दरवाजा तोड़ने के लिए खाने की ट्रॉली का इस्तेमाल एक औजार की तरह किया। एक हाईजैकर ने उन्हें रोकने की कोशिश की। प्लेन को इधर-उधर घुमाया और उसके अगले हिस्से को ऊपर-नीचे किया। इसके बावजूद यात्री लड़ते रहे और प्लेन को उसके टारगेट तक पहुंचने से रोकने के लिए डटे रहे। हार का एहसास होने पर हाईजैकर्स ने प्लेन को पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविले के पास एक खेत में गिरा दिया। यह जगह वॉशिंगटन से 20 मिनट की दूरी पर थी।

लोगों ने बताया कि उन्होंने प्लेन को अजीब तरह से घूमते, उल्टा होते और 500 मील प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से नीचे की ओर गोता लगाते हुए देखा। फिर सुबह 10:03 बजे वह एक खाली खदान में जा गिरा। सभी 33 यात्री और सात क्रू मेंबर मारे गए। लेकिन उनकी साहस ने प्लेन को उसके टारगेट तक पहुंचने से रोका। अमेरिका को एक और जबरदस्त हमले से बचाया।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN