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ATM Cash issue: देश के एटीएम इस समय कैश की किल्लत से जूझ रहे हैं। कॉन्फेडरेशन ऑफ ATM इंडस्ट्री ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन को दी जानकारी में कहा है कि मशीनों में भरने के लिए कैश की कमी है। ऐसे स्थिति में देश के अंदर एटीएम की सर्विसेज प्रभावित हो सकती हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। बता दें, पहले की तुलना में एटीएम ट्रांजैक्शन में कमी आई है।

मार्च और अप्रैल में कैश की दिखी कमी

आंकड़ों के अनुसार सभी एटीएम में कैश के लिए मार्च और अप्रैल में कुल 94000 करोड़ रुपये की आवश्यकता थी। लेकिन मार्च के महीने में सिर्फ 61000 करोड़ रुपये और अप्रैल के महीने में सिर्फ 54000 करोड़ रुपये ही उपलब्ध हो सका, जोकि कमी को साफ दर्शाता है।

क्या कुछ लिखा गया है?

आईबीए को लिखे पत्र में CATMi ने कहा कि कई राज्यों में बैंक के ब्रांच एटीएम निकासी की समस्या से जूझ रहे हैं। संस्थान ने कहा कि एटीएम डायरेक्ट कैश निकालने वाले जगह पर बने हुए हैं। ऐसे में ग्रामीण और अर्द्धशहरी इलाकों में कैश की उपलब्धता काफी जरूरी है। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार CATmi ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के करेंसी डिपार्टमेंट मैनेजमेंट को यह जानकारी दी है।

कई समस्याओं से जूझ रही है ATM इंडस्ट्री

कैश की समस्या की खबर ऐसे समय में आई है जब एटीएम इंडस्ट्री पहले से ही खर्च के दबाव और घटते ट्रांजैक्शन से जूझ रही है। इन सबके के अलावा एटीएम फीस भी इस इंडस्ट्री के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। मौजूदा समय में यह 19 रुपये है। यह वह फीस है जब ग्राहक दूसरे बैंक का एटीएम प्रयोग करता है। रिपोर्ट के अनुसार इंडस्ट्री के बढ़ते खर्च के आगे यह फीस नाकाफी है।

इसके अतिरिक्त बढ़ते तेल खर्च और नए कानून की वजह से कई राज्यों में सैलरी रिवीजन ने भी इंडस्ट्री को प्रभावित किया है।

बढ़ रहा है कैश सर्कुलेशन

आरबीआई की तरफ से जारी मासिक आंकड़ों के अनुसार मई के महीने में 446.504 मिलियन एटीएम ट्रांजैक्शन हुए हैं। एक साल पहले इसी महीने में 498.378 मिलियन एटीएम ट्रांजैक्शन हुए थे। एटीएम ट्रांजैक्शन की कीमत 2.5 ट्रिलियन रुपये बनी हुई है। जोकि एक साल पहले 2.64 ट्रिलियन रुपये थी। यह गिरावट ऐसे समय में देखने को मिली है जब करेंसी सर्कुलेशन बढ़ा है।

क्यों घटा रहा है एटीएम ट्रांजैक्शन

पहले की तुलना में एटीएम फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट को बढ़ाकर 23 रुपये कर दिया गया है। पहले यह 21 रुपये था। इसके अलावा डिजिटल पेमेंट की बढ़ती संख्या ने भी एटीएम ट्रांजैक्शन को प्रभावित किया है।

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