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SEMICON India 2026 का असर! 10% तक चढ़ गए सेमीकंडक्टर समेत इन कंपनियों के शेयर, जानिए तेजी की वजह

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Source :- LIVE HINDUSTAN

भारत में सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर बढ़ती उम्मीदों के बीच गुरुवार को कई चिप और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े शेयरों में तेज खरीदारी देखने को मिली। पीएम मोदी ने 17 सितंबर को नई दिल्ली के यशोभूमि में SEMICON इंडिया 2026 (Semicon India 2026) का उद्घाटन किया। इसके साथ ही निवेशकों का ध्यान भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर गया। कारोबारी सत्र में Syrma SGS टेक्नोलॉजी, केन्स टेक्नोलॉजी (Kaynes Technology), मोसचिप टेक्नोलॉजीज (MosChip Technologies), ASM टेक्नोलॉजी और डिक्सन टेक्नोलॉजी (Dixon Technologies) जैसे शेयरों में तेजी रही। Syrma SGS करीब 10% तक चढ़ा, जबकि केन्स टेक्नोलॉजी (Kaynes Technology) में करीब 5% और MosChip टेक्नोलॉजिस में 6% से ज्यादा की बढ़त देखी गई।

सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के कई हिस्सों पर फोकस

इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण भारत में चिप मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को मजबूत करने की कोशिश मानी जा रही है। SEMICON India 2026 में सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के कई हिस्सों पर फोकस है, जिसमें चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम, मटेरियल और उपकरण शामिल हैं। तीन दिन का यह आयोजन 17 से 19 सितंबर तक यशोभूमि में हो रहा है और इसमें दुनिया भर की कंपनियां, निवेशक, नीति निर्माता और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

केन्स टेक्नोलॉजी पर निवेशकों की नजर

केन्स टेक्नोलॉजी (Kaynes Technology) को लेकर निवेशकों की खास नजर है, क्योंकि कंपनी गुजरात में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी सुविधा विकसित कर रही है। कंपनी की योजना करीब ₹3,307 करोड़ के निवेश से पैकेजिंग से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता तैयार करने की है। दूसरी ओर Syrma SGS इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और कंपोनेंट सप्लाई चेन में काम करती है। इसलिए भारत में लोकल कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने का फायदा कंपनी को मिल सकता है। MosChip टेक्नोलॉजिज (Technologies) का कारोबार सेमीकंडक्टर और प्रोडक्ट इंजीनियरिंग से जुड़ा है, जिसमें कस्टम चिप डिजाइन और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम शामिल हैं।

भारत सरकार भी सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को विकसित करने के लिए बड़े स्तर पर नीतिगत समर्थन दे रही है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission) को 2021 में ₹76,000 करोड़ के शुरुआती प्रावधान के साथ शुरू किया गया था। इसके बाद Semicon 2.0 को लगभग ₹1.27 लाख करोड़ के प्रस्तावित आउटले के साथ आगे बढ़ाया गया है। इसका फोकस केवल चिप बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजाइन, फैब्रिकेशन, एडवांस पैकेजिंग, सेमीकंडक्टर उपकरण और मटेरियल, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और स्किल्ड टैलेंट जैसे क्षेत्रों को भी विकसित करना है।

सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के पीछे भारत की ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश भी एक अहम वजह है। पिछले कुछ सालों में भारत में चिप डिजाइन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का आधार मजबूत हुआ है और अब सरकार का जोर फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और दूसरे जरूरी हिस्सों को देश में विकसित करने पर है। SEMICON India 2026 इसी व्यापक इकोसिस्टम को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश है। सरकार और इंडस्ट्री के बीच सहयोग, नई तकनीक, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट पर भी इस आयोजन में चर्चा हो रही है।

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े शेयरों में तेजी

SEMICON India 2026 के बीच सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े शेयरों में आई तेजी ने इस सेक्टर को एक बार फिर बाजार के फोकस में ला दिया है। हालांकि, किसी शेयर में केवल सेक्टर की खबर या सरकारी पहल के आधार पर तेजी को उसके भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं माना जा सकता। कंपनियों के ऑर्डर, निवेश, उत्पादन क्षमता, वित्तीय नतीजे और वैल्यूएशन जैसे फैक्टर भी महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल, बाजार की नजर इस बात पर है कि भारत की सेमीकंडक्टर योजनाएं कितनी तेजी से वास्तविक उत्पादन, निवेश और घरेलू सप्लाई चेन में बदलती हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN