Home rss entertainment hindi मनोरंजन समाचार फिल्मों में क्यों घटते जा रहे हैं गाने? हिमेश रेशमिया बोले- Gen...

फिल्मों में क्यों घटते जा रहे हैं गाने? हिमेश रेशमिया बोले- Gen Z को भी खटक रही यह बात

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/09/21/1200x900/Himesh_R_1789970694769_prKw_1789970710240_jisk_3191cddd-2c8b-49c5-9690-cf9ebc13b548_rWYX.jpg

हिमेश रेशमिया ने बताया कि कैसे अब फिल्मों में गानों की संख्या घट रही है और यह सारा खेल आंकड़ों के गणित की वजह से प्रभावित हो रहा है।

एक वक्त था जब बैक-टू-बैक हिमेश रेशमिया के गाने रिलीज होते थे। शायद ही कोई फिल्म ऐसी जाती थी, जिसमें हिमेश का गाना नहीं होता था। लेकिन फिर हिमेश रेशमिया ने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा और ऐलान किया कि वह सिर्फ अपनी फिल्म के लिए गाने गाएंगे। यहीं से हिमेश का खराब दौर शुरू हो गया। अब हिमेश रेशमिया फिल्म ‘ये प्रेम मोल लिया’ के लिए सूरज बड़जात्या के साथ कोलैब कर रहे हैं। जब हिमेश से लॉन्च इवेंट में म्यूजिक को लेकर बात कर रहे थे तब फिल्मों में गानों की संख्या को लेकर उन्होंने कहा कि काफी कनफ्यूजन है।

फिल्मों में क्यों घट रहे हैं गाने?

सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘ये प्रेम मोल लिया’ में आयुष्मान खुराना, शरवरी वाघ, अनुपम खेर, सीमा पहवा और सुप्रिया पाठक अहम किरदार निभाते नजर आएंगे। रविवार को मेकर्स ने इस फिल्म की पहली झलक साझा की। हिमेश रेशमिया ने इस इवेंट में फिल्म में गानों की घटती जा रही संख्या पर बात की। हिमेश ने बताया कि जब वह और सूरज गानों के बारे में बात कर रहे थे तब उन्होंने चर्चा की कि ‘मैंने प्यार किया’ में 14 गाने थे, ‘प्रेम रतन धन पायो’ में 10 गाने थे, जबकि ‘ये प्रेम मोल लिया’ में सिर्फ 6 गाने हैं।

Gen Z को भी खटक रही ये बात

फिल्मों में गानों की घटती संख्या के बारे में बात करते हुए हिमेश रेशमिया ने कहा, “एक प्रोड्यूसर की नजर से देखें तो पहले इतने प्लेटफॉर्म्स नहीं थे। प्रमोशन और शूटिंग का खर्चा आराम से मैनेज हो जाता ता। इसलिए कई प्रोड्यूसर्स पहले जैसा म्यूजिक अपनी फिल्मों में चाहते थे। हम अक्सर इस बारे में बात करते हैं कि म्यूजिक अब पहले जैसा नहीं रहा। यहां तक कि मेरे कॉन्सर्ट में आने वाली Gen Z भी यही कहती है कि उन्हें पुराने जमाने का म्यूजिक याद आता है। लेकिन अब किसी गाने को सुपरहिट होने में एक साल से भी ज्यादा वक्त लग जाता है।”

रोज रिलीज होते हैं 300 गाने

हिमेश रेशमिया ने आंकड़ा देते हुए कहा कि एक दिन में सभी भाषाओं में 300 गाने रिलीज हो जाते हैं और ट्रैफिक बहुत ज्यादा होता है। इसलिए मैं यह कभी नहीं कहूंगा कि नए म्यूजिशियन अच्छा काम नहीं कर रहे हैं। बल्कि कुछ तो सिर्फ तारीफ पाने के लिए ही म्यूजिक बना रहे हैं। पहले म्यूजिक सभी मिल-जुलकर बनाते थे, लेकिन मौजूदा हालात में प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर के लिए गणित का खेल शुरू हो गया है। हिमेश रेशमिया ने आगे बताया कि वह आजकल 2 गानों की शूटिंग में लगने वाले वक्त का हिसाब लगाते हैं।

गाने की लंबाई मायने नहीं रखती

हिमेश ने कहा कि पहले 6 मिनट का गाना सुपर हिट हो जाता था और अब हम उम्मीद करते हैं कि 3 मिनट का गाना भी थिएटर्स में हिट हो जाए। उन्होंने कहा कि अब वह जब गानों के आंकड़े देखते हैं तो हैरान रह जाते हैं। जैसे उनके 7 मिनट के गाने भी थिएटर्स में उतने ही चले हैं जितने छोटे गाने। सुनने वालों को समझ आता है कि अगर कोई गाना हिट नहीं हुआ है तो उसकी लंबाई मायने नहीं रखती है। जब कोई अच्छा गाना किसी को मिल जाता है तो फिर उसकी लंबाई मायने नहीं रखती है। जब आप कोई गाना थिएटर्स में हिट कराने के मकसद से बनाते हैं तो यह नैचुरल नहीं रहता।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN