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सोना-चांदी आज भी गिरे: गोल्ड ₹1.46 लाख/10 ग्राम और सिल्वर हुई ₹2.25 लाख/किलो

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • Gold Silver Rates: MCX पर सोना ₹1,46,035 और चांदी ₹2,25,042 प्रति किलो के आसपास रही
  • ईरान-अमेरिका तनाव, महंगा तेल और Fed की ब्याज दरों की चिंता से सोने पर दबाव है

घरेलू मार्केट में सोने-चांदी के भाव में आज भी गिरावट है। MCX में मंगलवार यानी आज 10 ग्राम सोने का भाव 146030 रुपये पर आ गया है। जबकि, चांदी भी 225042 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। सुबह 9:53 बजे एमसीएक्स सिल्वर कल के बंद भाव से 1112 रुपये टूटकर 225042 रुपये प्रति किलो पर आ गई। सोने के भाव में 754 रुपये की गिरावट है। बता दें एमसीएक्स पर जो रेट चल रहे हैं, उसके आसपास ही सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी के रेट खुलते हैं।

अभी ऑल टाइम हाई काफी नीचे हैं भाव

एमसीएक्स के आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी को सोना 1,93,096 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर था और तब से लेकर आज की डेट तक 47061 रुपये तक सस्ता हो चुका है।वहीं, एमसीएक्स सिल्वर का ऑल टाइम हाई 4,20,048 रुपये है और यह 195006 रुपये सस्ता हो चुका है।

इंटरनेशनल मार्केट में मामूली तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत में सोमवार को आई तेज गिरावट के बाद मंगलवार को मामूली सुधार देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 0.2% बढ़कर 4,126.52 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इससे पहले सोमवार को सोने की कीमत करीब 4 फीसदी गिरकर सात सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गई थी।

चांदी में भी सोमवार को लगभग 6 फीसदी की बड़ी गिरावट आई थी। मंगलवार को इसमें करीब 0.2 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और कीमत करीब 60.77 डॉलर प्रति औंस रही।

सोने-चांदी के रेट में इतना उतार-चढ़ाव क्यों?

सोने पर इस समय कई दबाव एक साथ दिखाई दे रहे हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर जारी गतिरोध है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने निजी तौर पर संकेत दिया है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले अमेरिका के साथ संघर्ष खत्म करने के लिए समझौते की संभावना को लेकर वे निराश हैं।

ईरान ने महत्वपूर्ण जलमार्ग को सात दिनों के भीतर दोबारा खोलने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे खारिज कर दिया। इससे संघर्ष लंबा खिंचने की आशंका बढ़ी है।

महंगा तेल बढ़ा रहा ब्याज दरों का दबाव

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। महंगा तेल महंगाई को बढ़ा सकता है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरों को ऊंचा रखने या बढ़ाने का दबाव बढ़ रहा है।

अमेरिकी बॉन्ड बाजार में भी बिकवाली तेज हुई है। 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 19 साल के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से ऐसे निवेश जिनसे ब्याज नहीं मिलता, जैसे सोना, निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत कम आकर्षक हो जाते हैं।

सितंबर में सोना करीब 7% नीचे

सितंबर में अब तक सोने की कीमत करीब 7 फीसदी गिर चुकी है। फेडरल रिजर्व द्वारा 2023 के बाद पहली बार ब्याज दर बढ़ाए जाने और आगे भी दरों में बढ़ोतरी की संभावना जताने से सोने पर दबाव बढ़ा है।

आगे क्या होगा

निवेशक अब अक्टूबर में अमेरिकी ब्याज दर बढ़ने की संभावना को करीब 70 फीसदी मान रहे हैं। फेड गवर्नर लिसा कुक ने भी सोमवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से भविष्य में उत्पादकता बढ़ सकती है, लेकिन निकट अवधि में इससे पैदा होने वाले महंगाई दबाव की भरपाई होना जरूरी नहीं है।

इनपुट: ब्लूमबर्ग

SOURCE : LIVE HINDUSTAN