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मिडटर्म चुनाव से पहले अमेरिका की बढ़ी टेंशन, एक साथ 600 लोग पहुंचे मेक्सिको; कौन हैं?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

सैकड़ों माइग्रेंट्स का कारवां दक्षिणी मेक्सिको में दाखिल हो गया है और अब उत्तर की ओर बढ़ रहा है। ज्यादातर लोग होंडुरास से हैं। यह समूह खुद को फे वाई एस्पेरांजा यानी विश्वास और उम्मीद कहता है। 2026 के अमेरिकी मिडटर्म चुनाव नजदीक आने के साथ इमिग्रेशन एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव नजदीक हैं, इससे पहले ही बॉर्डर पर टेंशन बढ़ गई है। खबर है कि सैकड़ों माइग्रेंट्स का कारवां दक्षिणी मेक्सिको में घुस चुका है और अब उत्तर की ओर बढ़ रहा है। ज्यादातर लोग होंडुरास से हैं। समूह खुद को ‘फे वाई एस्पेरांजा’ यानी विश्वास और उम्मीद कहता है। बताया जा रहा है कि यह कारवां करीब 20 सितंबर को होंडुरास के सैन पेड्रो सुला से निकला। इसके बाद वह ग्वाटेमाला से होता हुआ आगे बढ़ा। 24 और 25 सितंबर को यह रोडोल्फो रोब्लेस इंटरनेशनल ब्रिज से मेक्सिको के चियापास राज्य में दाखिल हुआ। वहां से तापाचुला पहुंचा। देश में घुसते समय मैक्सिकन इमिग्रेशन अधिकारी और पुलिस भी समूह के साथ थे।

रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में इस कारवां में करीब 300 लोग थे। तापाचुला पहुंचने के बाद अल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला, इक्वाडोर और हैती के और लोग जुड़ गए। अब संख्या 600 से ज्यादा बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर कारवां के मेक्सिको में घुसने वाले वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोगों का कहना है कि वे अमेरिका पहुंचना चाहते हैं। कुछ लोग मेक्सिको में ही काम ढूंढकर रहना चाहते हैं।

होंडुरास के जोस जेलाया, जो अपने सात रिश्तेदारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं, ने बताया कि मैं अमेरिका पहुंचना चाहता हूं। उन्होंने यह भी बताया कि कारवां का कोई तय नेता नहीं है। भूख और जरूरत ही लोगों को आगे बढ़ाने वाली वजह है। इक्वाडोर के विनीसियो ओबोनागा ने कहा कि कागजी काम में देरी और तापाचुला में बेरोजगारी की वजह से वे कारवां में शामिल हुए। वे अमेरिका जाने के बजाय मेक्सिको के मॉन्टेरी शहर में बसना चाहते हैं। कई माइग्रेंट्स ने कहा कि वे हिंसा से नहीं, आर्थिक तंगी से भाग रहे हैं।

भारी बरिश के बीच 40 किलोमीटर पैदल चले लोग

तूफान रेचल की भारी बारिश के बीच लोग प्लास्टिक बैग में सामान लेकर बॉर्डर से तापाचुला तक करीब 40 किलोमीटर पैदल चले। तापाचुला लंबे समय से माइग्रेंट्स के लिए ठहराव का केंद्र बना हुआ है। वहां लोग काम, शरण या रास्ते का परमिट लेने का इंतजार करते हैं। बताया जाता है कि बड़े समूह में चलने से सुरक्षा मिलती है और तस्करों को ज्यादा पैसे देने से बचा जा सकता है। यही कारण है कि लोग एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।

बता दें कि यह घटना अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से कुछ हफ्ते पहले हुई है। इसलिए इमिग्रेशन फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। रिपब्लिकन सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन और नैन्सी मेस ने सवाल उठाया है कि क्या कोई बाहरी समूह इस कारवां को बढ़ावा दे रहा है। ग्रीन ने लिखा कि सालों बाद अचानक कारवां इसलिए दिख रहा है क्योंकि चुनाव आ रहे हैं।

वहीं, पत्रकार एंथनी अगुएरो ने भी दावा किया कि यह मूवमेंट प्राकृतिक नहीं लगता। उन्होंने लिखा कि गुरुवार को 400 से ज्यादा लोग, जिनमें ज्यादातर होंडुरास से थे, मेक्सिको में घुसे और अमेरिका की दक्षिणी सीमा की तरफ जाने की तैयारी में हैं।

होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के अनुसार अगस्त में साउथवेस्ट बॉर्डर पर 8870 लोगों को पकड़ा गया। यह आंकड़ा दिसंबर 2023 के सबसे ऊंचे स्तर से 97 प्रतिशत कम है। विभाग का कहना है कि पिछले 16 महीनों से नए पकड़े गए माइग्रेंट्स को अमेरिका में नहीं छोड़ा गया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN